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कोई ऐसा अमल है जिससे मैं आने वाले नुकसान से बच सकूं?How to avoid damage in hindi

कोई ऐसा अमल है जिससे मैं आने वाले नुकसान से बच सकूं?How to avoid damage in hindi

इमाम अली रज़ी अल्लाह ताअला अन्हु की खिदमत में एक शख्स आया और अर्ज़ करने लगा,या अली मेरी जिंदगी में नुक़सानात बहुत ही ज्यादा होते हैं. कदम कदम पर कोई ना कोई नुकसान होता रहता है.

या अली कोई ऐसा अमल है जिससे मैं आने वाले नुकसान से बच सकूं?तो इमाम अली इब्ने अबी तालिब रज़ी अल्लाह ताअला अन्हु ने फरमाया.

अल्लाह के नेक बंदों पर इल्हाम हुआ करती है. और उनही इलहाम से वोह खतरे से पहले वाकिफ हो जाते हैं.

उस शख्स ने कहा या अली क्या मुझ पर इलहाम हो सकता है. हां अगर तुम अपने आपको गुनाहों से बचा लो और रोज सुबह सूरह फातिया 21 मरतबह पढ़ कर दिन का आगाज़ करो, और इस दुआ के साथ कि ऐ अल्लाह हर नुकसान से पहले मुझे इलहाम के तबस्सुत से उसका इल्म अताकर.


तो जो भी काम करोगे अल्लाह तुम्हारे दिल में खुद-ब-खुद डाल देगा यह काम बेहतर है या बदतर.

जहां भी सफर करोगे अल्लाह तुम्हारे दिल में खुद-ब-खुद डाल देगा कि यह सफर तुम्हारे लिए बेहतर है या बदतर.

कोई भी रिश्ता तय करोगे तो अल्लाह तुम्हारे दिल में खुद ब खुद डाल देगा कि रिश्ता बेहतर है या बदतर.
अल्लाह बेशक अपने बंदों की रहनुमाई करता है.

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