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बिल्ली का रोना और रास्ता काटना कैसा

बिल्ली का रोना और रास्ता काटना कैसा

बिल्ली का रोना और रास्ता काटना कैसा यह जो ज़मीन जीस पर इन्सान रहते हैं।आदम अलैहीस्सलाम की खीलकत से लाखों साल पहले,
जीन्नात और सैकड़ों मखलुकात एक साथ रहते थे। अल्लाह के वली हज़रत शम्स तबरेज से पूछा गया। आप कहते हैं बील्ली का रोना इन्सान के लिए अच्छा नहीं होता, ऐसा क्यु तो,हज़रत शम्स तबरेज, ने फरमाया खीलकते आदम से लाखों साल पहले जब ज़मीन पर जीन्नात रहते थे।
कुछ मखलुकात से जीन्नात नफरत करते थे तो कुछ से प्यार

तो वैसे ही जिन्नात का राजा आजा झील जिसकी एक बीवी थी। जिसका नाम कबैरा था। बिल्ली से बहुत प्यार करती थी और उसके पास बिल्लीयां हुआ करती थी। और बिल्ली और जीन्नात साथ रहने लगे और उस प्यार करने लगे ।
कोई भी जानवर ,बिल्लीयां ज़मीन पर होती थी उसे कोई तकलीफ देता था तो जिन्नात उससे बदला लेता था।
लेकिन जब अल्लाह ने जिन्नात की ताकत को महदुद किया। और उनके लिए सिर्फ रात को रख दिया। तो यह सिलसिला जानवरों और जिन्नात का टूट गया। तो कुबैरा ने कहा ऐ मेरे अल्लाह तु मुझे इतना तनहा ना कर इतना अकेला ना कर।

तो कुछ जानवरों को यह ताकत दी गई कि वह कुछ जीन्नातों को देख सके और उससे बात कर सके, उन जानवरों में बिलिया भी शामिल है।

असल में जीन्नात के अय्याम जो ज़मीन पर बसर करते हैं। इन्सान से सात दिन आगे होते हैं।जो ज़मीन पर होता है उसे जीन्नात देख चुका होता है।

जब कोई मरने वाला होता है कीसी का इंतकाल होने वाला होता है।तब उसे बिल्लीयां देख लेता हैं। बिल्लीयों को अल्लाह ने वह ताक़त बख्शा।

के वोह जीन्नात को देख सके फरीश्ता ए मौत को देख सके।तो वोह दर्द वाली आवाज में रोने लगती है। और कहने लगती है। ये जिंदगी जिसको तू हमेशा के लिए समझता हैं। जैसे ये आज मरने वाला है। ऐसे तु भी मर जाएंगा तो अपने आमाल बेहतर करो।
तो लोगों ने कहा ऐ अल्लाह के वली अगर कोई बिल्ली हमारे घर के आस-पास रोए तो हम क्या करें।शाह शम्स तबरेज ने कहा तुम हसबे तौफीक़ सदका नीकाला करो।27मरतबा चारो कुल का वीर्द कर के अल्लाह से दुआ मांगा करो।

और अल्लाह हर परेशानी से तुम्हें महफुज़ रखेगा। और अगर तुम कीसी बड़े सफर पर जा रहे हो और अचानक बिल्ली सीधी तरफ से उलटी तरफ चली जाए, और मुरकर देखने लगे तो समझ जाना के यह अल्लाह के मखलुक तूम्हे इसारा दे रही है। के तुम्हारी तरफ कोई खतरा है।।

और उस वक्त भी सदक़ा दीया करो और फौरन 27मरतबा चारों कुल पढ़ के फिर सफर की तरफ कदम बढ़ाया करो। और अल्लाह तुम्हें हर खतरे से महफूज रखेगा।

और अगर बिल्ली रास्ता काट कर तुम्हारी तरफ मुड़कर ना देख तो,इसका मतलब वह अनजाने में रास्ता काट गई। उसका कोई मकसद नहीं।

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