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सांप और मोर को जन्नत से क्यों निकाला गया

सांप और मोर को जन्नत से क्यों निकाला गया।

सांप और मोर को जन्नत से क्यों निकाला गया।

सांप और मोर पहले जन्नत में ही रहते थे। इस वाक्य को समझने के लिए इस आर्टिकल को पूरी पढ़ना जरूरी है। तो आइए शुरू करते हैं।

शैतान मरदूद हो गया तो उसने हजरत आदम अलैहीस्सलाम को जन्नत में सजदा करने से इनकार कर दिया तो अल्लाह ताला ने शैतान को जन्नत से बेदखल कर दिया।

जन्नत में खाने पीने घूमने फिरने के लिए बहुत कुछ था। लेकिन हजरत आदम अलैहिस्सलाम तंहा होने की वजह से उदास रहने लगे। अल्लाह तआला ने हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के बाए पसली से हजरत बीबी हौउआ को पैदा फरमाया।

सांप और मोर को जन्नत से क्यों निकाला गया।

इस तरह वह दोनों जन्नत में खुशी खुशी रहने लगे

फिर अल्लाह ताला ने उन दोनों से फरमाया तुम दोनों जन्नत में जो चाहो खाओ पियो घूमो फिरो लेकिन खबरदार इस ,दरख्त के पास ना जाना।
और इस फल को मत खाना वरना तुम जालिमों में से हो जाओगे।

उस वक्त जन्नत में सांप और मोर भी रहते थे और कभी-कभी जन्नत से बाहर आया जाया करते थे। उस वक्त सांप को पैर भी था।और सांप के मुंह से अबरक की बहुत ही अच्छी खुशबू निकलती थी।

और मोर जितना इस वक्त खूबसूरत है।जन्नत में इससे भी ज्यादा खूबसूरत था। और मोर के पांव भी उतना ही खूबसूरत था।

एक बार मोर और सांप जब जन्नत से बाहर आए तो उसकी मुलाकात शैतान से हुइ।
शैतान ने उससे कहा मुझे भी जन्नत ले चलो तो सांप और मोर ने कहा हमें अल्लाह ताला का खौफ है। हम तुम्हें जन्नत नहीं ले जा सकते कोई देख लेगा।

तो शैतान ने दोस्ती का वास्ता दिया और कहा हम सब जन्नत में साथ रहे हैं, तो सांप ने शैतान को मशवरा दिया ।कि तुम सांप बन जाओ और तुम्हें मोर निकल लेगा। और तुम इस तरह जन्नत में चले जाओगे।

फिर शैतान सांप बन गया और मोर उसे निगल लिया और उसने जन्नत में ले जाकर उसे छोड़ दिया।इस तरह से शैतान जन्नत में दाखिल होने में कामयाब हो गया।

उसने जन्नत में हजरत आदम अलैहिस्सलाम और बीबी हौउआ से मुलाकात की, और उसने कहा तुमने अभी तक उस दरख्त का फल क्यों नहीं खाया।

इस पर दोनों ने कहा अल्लाह ताला ने हमें इस दरख्त से दूर रहने को कहा है ।और इसके फल खाने से सख्त मना किया है। इसलिए हमने वह फल इसलिए हमने वह फल अभी इसलिए हमने वह फल अभी तक नहीं खाया है ।और नहीं कभी खाएंगे।

सांप और मोर को जन्नत से क्यों निकाला गया।

जब हज़रत आदम अलैहिस सलाम सो गए तो शैतान ने बीवी हवा के पास आया और उसे बहकाने लगे ,और कहने लगे कि अल्लाह ताला ने तुम्हें वह फल खाने से इसलिए मना किया है। कि कहीं तुम फरिश्ता ना हो जाओ ,और हमेशा के लिए जन्नत में ना रहने लगो।

शैतान के बहकावे में आकर हजरत हआ ने वह फल खा लिया और जब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम सो कर उठे तो उसे बहुत इसरार किया बहुत मजबूर किया और उसे भी वह फल खिला दिया। जैसे ही जैसे ही इन दोनों ने जैसे ही इन दोनों ने फल खाया तो इनका जन्नत का लिबास उतर गया।

तभी अल्लाह ताला ने इन दोनों से फरमाया मैंने तुम दोनों को इस तरफ जाने से और उसका फल खाने से इसीलिए मना फरमाया था।
तुमने अपनी जान पर बड़ी जुल्म किया है ।

तभी हजरत आदम अलैहिस्सलाम और बीबी हौआ को अपने गलती का एहसास हुआ ।और उन्होंने रो-रोकर अल्लाह ताला से माफी मांगी फिर अल्लाह ताला ने उसे माफ कर दिया।

फिर अल्लाह तआला ने हज़रत आदम अलैहिस्सलाम और बीवी हौअा को जन्नत से निकालकर जमीन पर भेजा, और फरमाया तुम्हें एक खास वक्त के लिए यहां ठीकाना है। और ज़मीन पर रहना है।

अल्लाह ताला ने शैतान को जन्नत मे लाने पर मोर की खूबसूरती छीन ली
और और जिस पैर से उसने शैतान को लाया था उसको बदसूरत बना दिया। और सांप ने जिस मुंह से मोर को शैतान की मदद करने का मशवरा दिया था ।

उसके मुंह की अबरक की खुशबू छीन ली ।और उसके मुंह में जहर भर दिया और सांप और मोर को जन्नत से बाहर निकाल दिया।

इसीलिए आज भी मोर अपने परों को देखकर खुश होता है ।जब अपने पैरों को देखता है तो दुखी होता है।

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