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ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु का motivational फ़रमान in hindi

ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु का motivational फ़रमान in hindi

न मोह़ताज रख तु जहां में किसी का.
हमें मुफलिसी से बचा या इलाही.

अगर दुनिया और आखिरत में कामयाब खोना चाहते हो तो यह लेख पढ़ते रहिए.

ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु फ़रमाते थे, ऐ लोगों जो जी चाहे पूछो? क्योंकि मैं ज़मीन के रास्तों से ज़्यादा आसमान के रास्ते जानता हूं.

अल्लाह ने मुझे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का भाई बना कर भेजा है मेरे प्यारे नबी ﷺ फ़रमाते थे मैं इल्म शहर हूं और अली इल्म का दरवाज़ा है.

एक मर्तबा ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु जुमा का खुतबा दे रहे थे तो एक शख्स खड़ा होकर अर्ज़ करने लगा या अमीरुल मोमिनीन मैं अपने दिल में एक तलब रखता हूं, एक तमन्ना रखता हूं.

तो इमाम अली ने फ़रमाया ऐ बांदा ए खुदा क्या तमन्ना रखते हो तो उस शक्स ने कहा ऐ शेर ए खुदा मैं दुनिया में कामयाब होना चाहता हूं, मैं दुनिया में ऐसी मर्तबा चाहता हूं जो किसी को भी मयस्सर ना हो…बस यह कहना था तो इमाम अली इब्ने अबी तालिब रज़ी अल्लाह ताअला अनहो ने मुस्कुरा कर कहा.

अगर तुम दुनिया में कामयाब होना चाहते हो तो अपने बुढ़े बाप की इज़्ज़त किया करो, अपने वालिद का एहतराम किया करो.
अल्लाह तुम्हें दुनिया की हर काम में कामयाब करेगा, और नाकामियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

बस यह कहना था तो एक शख्स और खड़ा होकर अर्ज़ करने लगा ऐ अमीरुल मोमिनीन, मैं भी एक तमन्ना रखता हूं.

इमाम अली ने मुस्कुराकर कहां है बंदा ए खुदा क्या? तो उस शख्स ने कहा ऐ रसूलल्लाहﷺके भाई अली इब्ने अबी तालिब,
मैं आखिरत में कामयाब होना चाहता हूं, अपने आखिरत सवांरना चाहता हूं.

इमाम अली ने फ़रमाया ऐ बंदा ए खुदा अगर तुम अपनी आखिरत सवांरना चाहते हो तो अपनी बूढ़ी मां की इज़्ज़त किया करो, अपने वलिदह की एहतराम किया करो, जो इंसान अपनी मां की खिदमत करता है, वह अपनी आखिरत सवांर लेता है.

और फिर दुनिया से मुखातिब होकर फ़रमाने लगे अगर तुम यह चाहते हो कि दुनिया व आखिरत, दोनों में सुरखुरु रहो, तो हमेशा अपने वालिदैन की इज़्ज़त किया करो.

वालिदैन का फरमाबरदार कभी भी कहीं भी नाकाम नहीं होता.

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यह भी पढ़ें:-इमाम हुसैन रज़ी अल्लाह ताअला अन्हु के दौर का एक वाकया.in hindi.

3 replies on “ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु का motivational फ़रमान in hindi”

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