Categories
Poetry Shayari

love poetry by gulzar in Hindi

love poems by gulzar

पेश हैं गुलज़ार साहब की लिखी कुछ चुनिंदा नज़्में

love poetry by gulzar in Hindi
love poetry by gulzar in Hindi

मैं अगर छोड़ न देता, तो मुझे छोड़ दिया होता, उसने
इश्क़ में लाज़मी है, हिज्रो- विसाल मगर
इक अना भी तो है, चुभ जाती है पहलू बदलने में कभी
रात भर पीठ लगाकर भी तो सोया नहीं जाता

बीच आस्मां में था
बात करते- करते ही
चांद इस तरह बुझा
जैसे फूंक से दिया
देखो तुम…
इतनी लम्बी सांस मत लिया करो

गुलज़ार की नज़्में…

थोड़ी देर ज़रा-सा और वहीं रुकतीं तो…
सूरज झांक के देख रहा था खिड़की से 
एक किरण झुमके पर आकर बैठी थी,
और रुख़सार को चूमने वाली थी कि
तुम मुंह मोड़कर चल दीं और बेचारी किरण
फ़र्श पर गिरके चूर हुईं
थोड़ी देर, ज़रा सा और वहीं रूकतीं तो…

love poem by gulzar in Hindi

कैसी ये मोहर लगा दी तूने…
शीशे के पार से चिपका तेरा चेहरा
मैंने चूमा तो मेरे चेहरे पे छाप उतर आयी है उसकी,
जैसे कि मोहर लगा दी तूने…
तेरा चेहरा ही लिये घूमता हूँ, शहर में तबसे
लोग मेरा नहीं, एहवाल तेरा पूछते हैं, मुझ से !!

गुलज़ार की नज़्में…

शहतूत की शाख़ पे बैठा कोई 
बुनता है रेशम के धागे 
लम्हा-लम्हा खोल रहा है 
पत्ता-पत्ता बीन रहा है
एक-एक सांस बजा कर सुनता है सौदाई 
एक-एक सांस को खोल के अपने तन पर लिपटाता जाता है 
अपनी ही साँसों का क़ैदी
रेशम का यह शायर इक दिन 
अपने ही तागों में घुट कर मर जाएगा

मुझसे इक नज़्म का वादा है,
मिलेगी मुझको 
डूबती नब्ज़ों में,
जब दर्द को नींद आने लगे 
ज़र्द सा चेहरा लिए चाँद,
उफ़क़ पर पहुंचे 
दिन अभी पानी में हो,
रात किनारे के क़रीब
न अँधेरा, न उजाला हो, 
यह न रात, न दिन 
ज़िस्म जब ख़त्म हो 
और रूह को जब सांस आए
मुझसे इक नज़्म का वादा है मिलेगी मुझको

गुलज़ार की नज़्में…

देखो, आहिस्ता चलो और भी आहिस्ता ज़रा 
देखना, सोच सँभल कर ज़रा पाँव रखना 
ज़ोर से बज न उठे पैरों की आवाज़ कहीं
कांच के ख़्वाब हैं बिखरे हुए तन्हाई में 
ख़्वाब टूटे न कोई जाग न जाए देखो 
जाग जाएगा कोई ख़्वाब तो मर जाएगा

चार तिनके उठा के जंगल से
एक बाली अनाज की लेकर
चंद कतरे बिलखते अश्कों के
चंद फांके बुझे हुए लब पर
मुट्ठी भर अपने कब्र की मिटटी
मुट्ठी भर आरजुओं का गारा
एक तामीर की लिए हसरत
तेरा खानाबदोश बेचारा
शहर में दर-ब-दर भटकता है
तेरा कांधा मिले तो टेकूं!

गुलज़ार की नज़्में…

आदमी बुलबुला है पानी का
और पानी की बहती सतह पर टूटता भी है, डूबता भी है,
फिर उभरता है, फिर से बहता है,
न समंदर निगला सका इसको, न तवारीख़ तोड़ पाई है,
वक्त की मौज पर सदा बहता आदमी बुलबुला है पानी का।

आज फिर चाँद की पेशानी से उठता है धुआँ
आज फिर महकी हुई रात में जलना होगा
आज फिर सीने में उलझी हुई वज़नी साँसें
फट के बस टूट ही जाएँगी, बिखर जाएँगी
आज फिर जागते गुज़रेगी तेरे ख्वाब में रात
आज फिर चाँद की पेशानी से उठता धुआँ

गुलज़ार की नज़्में…

दिल में ऐसे ठहर गए हैं ग़म
जैसे जंगल में शाम के साये 
जाते-जाते सहम के रुक जाएँ 
मुडके देखे उदास राहों पर 
कैसे बुझते हुए उजालों में 
दूर तक धूल ही धूल उड़ती है

कंधे झुक जाते है जब बोझ से इस लम्बे सफ़र के 
हांफ जाता हूँ मैं जब चढ़ते हुए तेज चढाने 
सांसे रह जाती है जब सीने में एक गुच्छा हो कर
और लगता है दम टूट जायेगा यहीं पर 
एक नन्ही सी नज़्म मेरे सामने आ कर 
मुझ से कहती है मेरा हाथ पकड़ कर-मेरे शायर 
ला , मेरे कन्धों पे रख दे,
में तेरा बोझ उठा लूं 

गुलज़ार की नज़्में…

खाली डिब्बा है फ़क़त, खोला हुआ चीरा हुआ
यूँ ही दीवारों से भिड़ता हुआ, टकराता हुआ 
बेवजह सड़कों पे बिखरा हुआ, फैलाया हुआ
ठोकरें खाता हुआ खाली लुढ़कता डिब्बा 
यूँ भी होता है कोई खाली-सा- बेकार-सा दिन 
ऐसा बेरंग-सा बेमानी-सा बेनाम-सा दिन

देखो आहिस्ता चलो,और भी आहिस्ता ज़रा
देखना,सोच-समझकर ज़रा पाँव रखना 
जोर से बज न उठे पैरों की आवाज़ कहीं
कांच के ख़्वाब हैं बिखरे हुए तन्हाई में 
ख़्वाब टूटे न कोई, जाग न जायें देखो
जाग जायेगा कोई ख़्वाब तो मर जायेगा

गुलज़ार की नज़्में…

आओ तुमको उठा लूँ कंधों पर
तुम उचककर शरीर होठों से चूम लेना 
चूम लेना ये चाँद का माथा 
आज की रात देखा ना तुमने 
कैसे झुक-झुक के कोहनियों के बल
चाँद इतना करीब आया है

आओ फिर नज़्म कहें 
फिर किसी दर्द को सहलाकर सुजा ले आँखें 
फिर किसी दुखती हुई रग में छुपा दें नश्तर 
या किसी भूली हुई राह पे मुड़कर एक बार 
नाम लेकर किसी हमनाम को आवाज़ ही दें लें 
फिर कोई नज़्म कहें

गुलज़ार की नज़्में…

किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से 
बड़ी हसरत से तकती हैं 
महीनों अब मुलाकातें नहीं होती 
जो शामें इनकी सोहबतों में कटा करती थीं,
अब अक्सर 
गुज़र जाती हैं ‘कम्प्यूटर’ के पर्दों पर 
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें…
इन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई हैं,
बड़ी हसरत से तकती हैं,
जो क़दरें वो सुनाती थीं.
कि जिनके ‘सैल’कभी मरते नहीं थे 
वो क़दरें अब नज़र आती नहीं घर में 
जो रिश्ते वो सुनती थीं 
वह सारे उधरे-उधरे हैं 
कोई सफ़्हा पलटता हूँ तो इक सिसकी निकलती है
कई लफ्ज़ों के माने गिर पड़ते हैं 
बिना पत्तों के सूखे टुंडे लगते हैं वो सब अल्फाज़ 
जिन पर अब कोई माने नहीं उगते 
बहुत सी इसतलाहें हैं 
जो मिट्टी के सिकूरों की तरह बिखरी पड़ी हैं 
गिलासों ने उन्हें मतरूक कर डाला
ज़ुबान पर ज़ायका आता था जो सफ़हे पलटने का 
अब ऊँगली ‘क्लिक’करने से अब 
झपकी गुज़रती है 
बहुत कुछ तह-ब-तह खुलता चला जाता है परदे पर 
किताबों से जो ज़ाती राब्ता था,कट गया है 
कभी सीने पे रख के लेट जाते थे 
कभी गोदी में लेते थे,
कभी घुटनों को अपने रिहल की सुरत बना कर 
नीम सज़दे में पढ़ा करते थे,छूते थे जबीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा बाद में भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल 
और महके हुए रुक्के 
किताबें मांगने,गिरने,उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे 
उनका क्या होगा ?
वो शायद अब नहीं होंगे !

Read it: sad Hindi shayari for love

Categories
Poetry Shayari

sad Hindi shayari for love

sad Hindi shayari for love

कमाल की मोहब्बत थी उसको हमसे,
अचानक ही शुरू हुई और बिन बताए ही ख़त्म!

कभी मौका मिले तो सोचना ज़रूर,
एक लापरवाह शख्स क्यों तेरी परवाह करता है!

एक बात पूछूं अगर मुनासिब समझो तो,
तेरे होते हुए भी तन्हा हूं मैं!

वह जिसकी याद में सारा जहां छोड़ दिया,
बनाकर उसने दास्तां छोड़ दिया!

मैंने कब कहा ऐसा हमेशा साथ रहना तुम,
जब तक सांस चलती है तब तक पास रहना तुम!

heart touching sad Hindi shayari

वह महसूस करते हमें अपनी हर धड़कन के साथ,
इसके सिवा हमने कभी कुछ चाहा ही नहीं!

तुम तो उलझ कर रह गए अपनी ही ज़िंदगी में,
तुम्हें क्या याद कि कोई था, कोई है, कहां है, कैसा है!

एक तुम्हें मांगने के बाद… सब तुम्हारे लिए मांगा!

न चाहो फिर भी मिल ही जाएगा,
मोहब्बत में धोखे आजकल उरूज़ पर है!

यक़न ना आए तो एक बार पूछ कर देखो,
जो हंस रहा है वह उसे जख्म चुरा निकलेगा!

यह मशवरा है आंखों में बसा लो मुझको,
हम भी संवर जाएंगे तुम भी निखर जाओगे!

love sad shayari Hindi

ज़िंदगी है सो गुज़र रही है वरना… हमें गुज़र तो ज़माने हुए!

साहिब मुझे इंसाफ चाहिए…. दिल मेरा है तो मालिक तुम क्यों हो?

मैं जानता हूं वफा तेरे बस की बात नहीं,
मगर यह दिल है कि तेरे इंतज़र में खुश है!

मरते तो लाखों होंगे तुझ पर… मैं तो तेरे साथ जीना चाहता हूं!

कभी लम्हे गिनना कभी सांसे गिनना,
वह जब से बिछड़े है यही मश्ग़ला है अपना!

कल रात खोलकर जो देखी यादों की किताब,
रो पड़े के क्या क्या खोया है हमने, ए ज़िदगी!

कौन करता है वफाओं का तकाज़ तुमसे,
हम तो एक छोटी तसल्ली के तलब गार थे!

किसी को न पाने से ज़िंदगी खत्म नहीं होती,
लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी नहीं रहता!

हसरत से देखते रहे माजी को इस तरह,
जैसे कि लौट आएंगे वह दिन है जो गुज़र गए!

खुश हूं आज उनकी यादों को याद करके ऐ खुदा,
उन्हें भी खुश रखना जिनको कभी मेरी खुशी प्यारी थी!

नहीं होती कोई वजह किसी को याद करने की,
जो दिल में बसते हैं वह हमेशा याद रहते हैं!

चलो अच्छा हुआ कि धुंध पर नहीं लगी,
दूर तलक तकती थी निगाही तुझको!

Read it: sad hindi Shayari on love

Categories
Poetry Shayari

love sad shayari heart touching in Hindi

love sad shayari heart touching in Hindi

वह जिसकी चाह में सारा जहां छोड़ दिया,
बनाकर उसने मुझे दास्तान छोड़ दिया!

तेरा सुलुक ही काफ़ी है उम्र भर के लिए,
खुदा करे कि कोई तुझसा दूसरा ना मिले!

love sad shayari heart touching

हम यह कहे कि दिल को बहला लिया करते हैं,
लोगों के अपने मर भी तो जाते हैं!

हमें और कितनी देर मदहोश रखना है जाना,
तुम अपनी जुल्फें समेत क्यों नहीं लेती!

मैंने पढ़ी है हज़ारों आशिकों की किताबें,
किसी में नहीं लिखा मेरा यार मुझे मिला!

अलविदा कह चुके हैं तुम्हें… जाओ जाओ आंखों पर ध्यान ना दो!

Hindi sad shayari love

शुक्रिया यार दिल दुखाने का… पहले यह काम था ज़माने का!

देख ली तेरी ईमानदारी ऐ दिल… तू मेरा और तुझे फिक्र किसी और की!

अच्छी किताबें और सच्चे दिल हर किसी को समझ नहीं आते!

ऐसी आंखों के दाम क्या होंगे… ना मुकम्मल से ख्वाब हो जिनमें!

मोहब्बत लिबास नहीं जो रोज बदला जाए,
मोहब्बत कफन है पहनकर उतारा नहीं जाता!

आओ करीब के सांसो से बातें कर लें,
मेरी धक-धक तुम सुनो और तुम्हारी मैं!

Read it: sad shayari in Hindi love status

Categories
Poetry Shayari

Sad Shayari Love in Hindi

Sad Shayari Love in Hindi

हज़ारों से बिगाड़ी थी, तुझे अपना बनाया था,
हश्र तक याद रहेगा किसी से दिल लगाया था!

नींद आई ना रात भर मुझको, ख्वाब बैठे रहे कतारों में!

ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था,
हम ही सो गए दास्तान सुनाते सुनाते!

गम का खजाना तेरा भी है मेरा भी,
यह नज़राना तेरा भी है मेरा भी!

दर्द लगते रहे आह भरते रहे, लोग पढ़ते रहे वाह करते रहे!

उम्र सारी तो बहुत दूर की बात है साहिब,
एक लमहे के लिए काश वह मेरा हो जाए!

Heart touching love shayari sad

वही सितमगर याद आया रात भर,
जिस से बनी नहीं मेरी उम्र भर!

हाय वह उदासी का सबब पूछ रहा है,
और मुझको बहाने भी बनाने नहीं आते!

छोड़ने वाले छोड़ ही जाते हैं, मक़ाम फिर जो भी हो!

चलो यह फर्ज करता हूं कि तुमको भूल जाता हूं, मगर यह सब नकारा है
तुम्हारे बिन न पहले था न अब मेरा गुज़ारा है!

तेरे रोने से उनके दिल पर कुछ असर नहीं होगा,
जिनके चाहने वाले ज़्यादा हो वह अक्सर बेदर्द हुआ करते हैं!

dard bhari sad shayari in Hindi

कुर्बान मैं क्यों न जाऊं मैं उस हकीम पर,
नुस्खे में जिसने आपका दीदार लिख दिया!

जागने का अज़ाब सह सह कर, अपने अंदर ही सो गया हूं मैं!

हिजाब शअर में इस तरह पोशीदा हूं मैं,
के जैसे फूल में खुशबू जो बस महसूस होती है!

एक उल्फत के बदौलत हुए दो घर आबाद,
अश्क आंखों में रहे और दर्द मेरे दिल में!

मोहब्बत के सुनहरे साहिलों पर,
तू मेरा आखिरी जजीरा है!

कोई तस्वीर न उभरी तेरी तस्वीर के बाद,
जेहन खाली ही रहा कलसा ए साहिल की तरह!

हमको खुशी भी मिली तो कहां रखेंगे हम,
आंखों में हसरतें हैं तो दिल में किसी का गम!

Read it: Dard bhari shayari: lovely shayari

सज़ा बन जाती है गुज़रे वक्त की यादें,
न जाने क्यों मतलब के लिए मेहरबान हुए लोग!

उसकी मासूमियत में इतना असर था,
खरीद ली उसने एक ही मुस्कान में ज़िंदगी हमारी!

कोई उम्मीद ना थी हमें उनसे मोहब्बत की,
सिर्फ एक जिद्द थी के दिल टूटे तो उनके हाथ से टूटे!

Read it: sad shayari in Hindi love status

Categories
Poetry Shayari

Love sad Shayari heart touching

Love sad Shayari heart touching poetry

काश तू सिर्फ मेरा होता, या तो फिर मिला ना होता…!!

उसने कहा कौन सा तोहफा है मनपसंद, मैंने कहा वह शाम जो अब तक उधार है…!!

Love sad Shayari heart touching

तुम मेरी हद नहीं जो पूरी हो, तुम मेरी धड़कन हो जो जरूरी हो…!!

आपके प्यार की भीख नहीं चाहिए मुझे, हो सके तो सदा के लिए भूल जाएं हमें…!!

तेरा चेहरा इन आंखों में पुराना हो गया है, कभी मिले तुम्हें देखे जमाना हो गया…!!

वक्त हर ज़ख्म का मरहम नहीं हो सकता, दर्द कुछ होते हैं ताउम्र रुलाने वाले…!!

Love sad Shayari heart touching in Hindi

तेरी ना हो सकी तो मर जाऊंगी, कितना ख़ूबसूरत झूठ बोलती हो…!!

पहले तनहाई मेरे अंदर थी, अब तो यादें तुम्हारी बस्ती है…!!

हक़ीक़त जान लो बिछड़ जाने से पहले, मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले…!!

यह सोच लेना भुलाने से पहले, बहुत रोई है ये आंखें मुस्कुराने से पहले…!!

ख्वाब सताते हैं उसे भी रातों में, मुझे भी नींद नहीं आई एक मुद्दत से…!!

Read it: life changing quotes in Hindi & English

नोच कर चला गया साहिब, जिसको जितनी मेरी ज़रूरत थी…!!

इजाज़त तलब है महफिल ए गम से, थक गया हूं बिखरते बिखरते…!!

ख्वाब में जब से तुम्हे देखा है, फिर से जीने का ख्याल आया है…!!

तुम क्या मौत से डर आते हो, मुझे तो ज़िंदगी ने मारा है…!!

चाह नहीं किसी को उसे चाहने के बाद, अपनी निगाह का मुझे म्यार याद है…!!

मैंने देखा नहीं उसे रंगों से जुदा करके, उसने जो भी पहना वही मेरा पसंद हुआ…!!

तुझको मांग मांग के थक गए, मेरे होंठ भी मेरे हाथ भी…!!

Read it: love shayari sad in Hindi heart touching Poetry