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Dard bhari Shayari in Hindi

Dard bhari Shayari

सब समझते हैं मैं तुम्हारा हूं
तुम भी रहते हो इस गुमा में क्या!!

मैं जो मिल जाता हूं आसानी से
लोग समझते हैं बेकार हूं मैं!!

Sad Poetry Shayari in Hindi

जिस क़दर जिसकी क़दर की
उस क़दर बे कदर हुए हम!!

जिसके जाने से जान जाती थी
हमने उनको भी जाते देखा है!!

सुनो? मैं तुम्हें अपना आप सोंपता हूं
मुझे रखकर न भूल जाना कहीं!!

Heart touching poetry

एक निगाह का सन्नाटा है एक आवाज़ का बंजरपन
मैं कितना तन्हा बैठा हूं करीब के विराने में!!

दो चेहरों का बोझ ना उठाया कीजिए
दिल ना मिले तो हाथ भी ना मिलाया कीजिए!!

शायद वो मोहब्बत की कोई और किस्म चाहता था
मैंने उसे अपना दिल दिया था पर वह जिस्म!!

है आंखों में कमाल उसके
जब कलाम करती है तो दिल धड़कते!!

इजाज़त हो तो एक शिकायत करूं तुमसे
बहुत वक्त देते हो पर न जाने किस को!!

माज़रत ख्वाह हूं ए दिल
वो नहीं सुन रहे मैं क्या करूं!!

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना
मुझे गुमा भी न हो और तुम बदल जाना!!

इश्क तो जागता है रातों को
हां, मोहब्बत की आंख लगती है!!

कभी पत्थर की ठोकर से भी आती नहीं खरोश
एक ज़रा सी बात से इंसान है बिखर जाता है!!

ज़रा सी बात पर मोहसीन भिगो लेती हो आंखें तुम
सुनो ऐसा नहीं करते, जमाना बेच खायेगा!!

आज उसे मेरी हालत पर तरस आता है
वह जिसने पगड़ीयों के वास्ते भी नहीं माने!!

ज़िंदगी पहले ही मुख्तसर थी
क्या तेरा रूठना जरूरी था!!

बहुत करीब से अनजान बनकर गुज़रा है
वह जो बहुत दूर से पहचान लिया करता था!

अजीब तरह से दोनों ही नाकाम हुए
वह मुझे चाह न सका, मैं उसे भुला ना सका!!

हालात ने हमें ऐसा सबक़ सिखाया साक़ी
हम शागिर्द बनने की उम्र में ही उस्ताद बन गए!!

यक़ीन मानो कोई मजबूरियां नहीं होती
लोग आदतन वफ़ा नहीं करते!!

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23 replies on “Dard bhari Shayari in Hindi”

ज़िंदगी पहले ही मुख्तसर थी
क्या तेरा रूठना जरूरी था!!

बहुत ही अच्छा है
I liked

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