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How to raise your children in hindi, success for children

How to raise your children in hindi – अपने बच्चों की कैसे परवरिश करें

हमारे बच्चे हमारा मुस्ताक़बिल है, अगर हमारे बच्चे एहसास ए कमतरी और किसी अनजाने डर या बेएतमादी का शिकार हो जाते हैं, तो इससे उनका मुस्ताक़बिल भी खराब होता है, और उनकी मां बाप की जान भी जाती है, लेकिन आज हम सात ऐसे तरीके बताएंगे, जिससे आप अपने बच्चों को एहसास ए कमतरी से निकाल कर ज़माने के सामने बावकार अंदाज में खड़ा कर सकते हैं.

नंबर 7 अगर आपके बच्चो की अपने दोस्तों के साथ नहीं बनती और वह उन से मार खाता है या घबराया घबराया रहता है, तो इस सूरत में बलकि ये हर हाल में ज़रूरी है के आप अपने बच्चों के दोस्तों को क़रीब से जानते हो, बस यही नहीं बल्कि उन्हें खाने पर कभी अपने घर बुला लिया करें, और उनके बलिदैन(parents) से भी मिला करें, इससे यह होगा कि आपके बच्चा और उनके दोस्त,ये अच्छी तरह जान लेंगे के उन दोनों के बालिदैन (parents) उन्हें अच्छी तरह से जानते हैं, इस तरह का कोई भी गलत काम करने से पहले वह हज़ाार मर्तबा सोचेंगे, इसके अलावा आप अपने बच्चे को भी कहें, वह भी अपने दोस्तों के मां बाप से मिला करें, और उनकी इज़्ज़त किया करें.

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नंबर 6 हमारे बच्चे ज्यादातर कार्टून फिल्में वगैरा बहुत शौक से देखते हैं, अक्सर फिल्मों और कार्टूंस में हीरो और बाज दफा तो पूरी कहानी को ना काबिले यकीन अंदाज में इस तरह पेश किया जाता है कि जिसका हक़ीकत से कोई ताल्लुक नहीं होता, इस तरह आपका बच्चा भी बिल्कुल उस फिल्मी हीरो की तरह तसव्वुर करता है, लेकिन आगे से उससे वह रद्दे अमल नहीं मिलता जो वो चाह रहा होता है, इसका हल यह है के आप उसे इस्लाम की तारीख और ह़ुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और
सह़ाबा ए इकराम के बारे में बताकर अपने असल हीरो के बारे में आगाह करें, जिससे उसे हक़ीकी फ़ायदा हो.

नंबर 5 आप अपने बच्चों को सिखाएं हर बात को अपने दिल पर ना लिया करो, 5 साल की उम्र के बाद बच्चे को अकल और शउर आना शुरू हो जाता है, वह यह बात समझ जाएगा, अगर आप उसे समझाएंगे,
उसे बताएं के बड़े वाक़यात को अपने सर पर सवार ना किया करो, बस उनसे सिर्फ सबक़ हासिल करो, और भूल जाओ.

नंबर 4 अपने बच्चों के सामने लड़ाई झगड़े वाली और नेगेटिव (negative)बातों को न आने दें, जो आपके वालीदैन (parents) के दरमियान होती है, इससे बच्चे पर मंफी असरात पड़ते हैं, आपके घर का अच्छा माहौल आपके बच्चे की जिंदगी पर अच्छा ही असर डालेगा.

नंबर 3 अगर आपका बच्चा नाकाम होता है तो उसे बुरा मत कहें, बल्कि उसके दिल में से नाकामी का खौफ खत्म करें, अगर बच्चे के दिल में शुरू से ही नाकामी का खौफ आ जाएगा तो वह मेहनत और कोशिश से भागेगा, बच्चों को यह बताएं कि नाकाम होना बुरी बात नहीं है, बल्कि कोशिश और मेहनत ना करना बुरी बात है.

नंबर 2 अपने बच्चों को क्वालिटी टाइम दिया करें, यानी उनके साथ अच्छा वक्त गुज़ारे, उनकी बातों को सुना करें, अगर आप से वह कोई सवाल करते हैं तो उनको डांटा न करें बल के प्यार से जवाब दिया करें, अगर मुमकिन हो तो उनके खेल में आप खुद भी शरीक हो जाया करें, आप जितना ज्यादा अपने बच्चों के साथ वक्त गुजारेंगे और जितनी मज़बूत कम्युनिकेशन करेंगे उतना ज्यादा आपका बच्चा बाएतमाद बनेगा.

नंबर 1 आज का बच्चा बहुत ही ज़्यादा समझदार और हक़ीकत पसंद है, क्योंकि यह दौर इंफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी का दौर है, आप अपने बच्चे से झूठ मत बोलें या झूठे वादे मत करें, और उससे ऐसी चीजों और ऐसी बातों से मत डराए जिसका हक़ीकत से कोई ताल्लुक नहीं है, आप उससे हमेशा सच और हक़ीक़त के करीब तर रखें.

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