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Do these small things make you smart? ये आदतें आपको स्मार्ट बनाती हैं

ये छोटी-छोटी आदतें आपको स्मार्ट बनाती हैं?

Do these small things make you smart?

ये बाते आपको स्मार्ट ही नहीं बल्कि एक बेहतर इंसान बनने में आपकी मदद करेगी।

सुबह जल्दी उठने की पहल करे: अगर आप ना भी उठ पाए तो अपनी अलार्म घड़ी में जो आप टाइम सेट करते है, उसे थोड़ा सा बदलकर पीछे कर दे।

सही और गलत में फर्क करना सीखे: सही और गलत में फर्क करना सीखे, तभी आप में निर्णाय लेने की क्षमता का विकास होगा।

शेयरिंग करना सीखे: शुरू से ही दूसरों के साथ चीजें शेयर करने की आदत डालें। इससे रिश्तों में मजबूती आती है। और विश्वास बढ़ता है।

दूसरों की मदद करना सीखे: अगर कोई मुसीबत में हो या किसी को आपकी जरूरत हो तो ऐसी स्थिति में आपको दूसरों की मदद करना जरूर सीखे। ना सिर्फ परिचितों की मदद अनजान लोगों की मदद के लिए भी प्ररित करें।

धैर्य रखना सीखे: आजकल के लोगो में धैर्य की कमी देखी जाती हैं, उनको हर चीज जल्दी और अपने हाथ में चाहिए। लेकिन आप इंतजार करना सीखे। आपको पता होना चाहिए की धैर्य और इंतजार से ही काम बनाते हैं।

समय की कद्र करना सीखे: जीवन में आगे बढऩे के लिए कद्र करना जरूर हैं। अपने काम के प्रति निष्ठावान बने।

लापरवाही से काम करने की आदत से बचे।

बड़ों की बात मानना: आपसे बड़े हैं वो हमेशा आपके भले के लिए आपसे कुछ बोल रहे हैं।

प्रार्थना करना सीखे: हर दिन प्रार्थना करने की आदत डालें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता हैं। प्रार्थना करने से पॉजिटीव थिकिंग और एकाग्रता में सुधार बढ़ती है।

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स्मार्ट लोग अपने फ्री टाइम में क्या करते हैं?

जो भी दुनिया के स्मार्ट लोग है वो अपने खाली समय में किताब पढ़ते हुए ही नजर आएंगे।

आप देखिए आपके आसपास जितने भी स्मार्ट लोग है वो किताबे जरूर पढ़ते होंगे इसलिए वो इतने स्मार्ट है।

हम लोग है ना किताबो कि ताकत को बहुत कम में आकते है।

किताबों ने बुक बेचने वाले जैफ बेजोस को करोड़पति बना दिया, किताब लिखने वाली लेखक जे.के. राउलिंग को करोड़पति बना दिया और किताब पढ़ने वाले वॉरेन बफेट को करोड़पति बना दिया।

देखिए जब भी कोई लेखक किताब लिखता है तो उस किताब में वो अपनी जिंदगी की सारी गलतियों को, उसके ज़िंदगी भर के अनुभव और वो अपनी गलतियों से सीख कर कामयाब कैसे बना वो ये सब एक बुक में केद कर देता है जो की बहुत कम पन्नों में कैद हो जाती है।

अब आप सोचिए अगर कोई भी बंदा वो किताब पढ़ लेगा तो वो बंदा उस लेखक कि जिंदगी को एक तरह से जी लेगा । वो उस लेखक के अनुभव को इस्तमाल कर सकता है, उस लेखक ने जो गलतिया की थी वो गलतियां करने से बच सकता है और उसकी कामयाबी से प्रोत्साहित होकर और कामयाबी हासिल कर सकता है।

ये होती है किताबे पढ़ने की ताकत आप लोगो की सालो की ज़िंदगी को एक छोटी से किताब में जी लेंगे। अगर आप ऐसे बहुत से किताब पढ़ लेंगे तो आप ढेर सारी जिंदगियां जी लेंगे।

गैलीलियो का एक वाक्य है “एक किताब पढ़ने वाला व्यक्ति १०० जिंदगियां जीता है”

अब मेरे बोलने का यह मतलब नहीं है कि अगर आप ऐसे किताबे पढ़ लेंगे तो आप गलती करना बंद कर देंगे। नहीं बिल्कुल नहीं । पर आप गलती करे ऐसे मौके घट जाएंगे क्युकी आपको किताबों से ये सीख जरूर मिल जाएंगे कि आपके लिए कोई चीज काम करेंगी या नहीं करेंगी।

इसलिए आप भी स्मार्ट बनिए और किताबे पढ़ना शुरू कीजिए।

नमस्कर उत्तर पढ़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको उत्तर पसंद आया हो तो कृपया उत्तर को उपवोट करे इससे मुझे और अच्छे उत्तर लिखने का प्रोत्साहन मिलता है।

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जीवन में कौन सी बातों को कभी नहीं भूलना चाहिए?

नेटफ्लिक्स ने बिल गेट्स के जीवन पर तीन भाग में एक डॉक्यूमेंट्री जारी की है। बिल गेट्स का जीवन कई मामलों में बेमिसाल है।

गेट्स की आदतें…

उनके सोचने-समझने का तरीका…

ऑफिस में प्रयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर तैयार करने से शरु होने वाली उनकी यात्रा से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी की स्थापना और दुनिया के सबसे संपन्न व्यक्ति की उपलब्धि को अर्जित करने के बाद उनका सबसे बड़े परोपकारी फाउंडेशन की अगुवाई करना जैसी बातें उनके जीवन को बेजोड़ बनाती हैं।

लेकिन मुझे लगता है कि बिल गेट्स को सबसे अनूठा बनाने वाली बात यह हैः

इस डॉक्यूमेंट्री के दौरान इंटरव्यूअर ने बिल गेट्स से बहुत सामान्य से प्रश्न पूछे…

“आपका पसंदीदा भोजन क्या है?”

“कौन सा एनिमल आपको सबसे अच्छा लगता है?”

इस जैसे ही कुछ बहुत साधारण प्रश्न गेट्स से पूछे गए।

लेकिन अचानक ही इंटरव्यूअर ने गेट्स से एक असाधारण प्रश्न पूछ लिया.

शायद उस असाधारण प्रश्न को पूछने के पीछे इंटरव्यूअर की मंशा गेट्स को प्रश्नजाल से मुक्त कर एक ईमानदार उत्तर पाने की थी। या शायद उसने ऐसा जताया।

चाहे जो हो, इंटरव्यूअर ने गेट्स से पूछाः

“आपके जीवन का सबसे बुरा दिन कौन सा था?”

गेट्स ने कुछ पल के लिए अपनी आंखें मूंद लीं। फिर नीचे देखा। वे शायद कुछ सोच रहे थे। वे जानते थे कि वे क्या कहना चाहते थे लेकिन शायद वह कहना नहीं चाहते थे। उनकी जगह कोई और होता तो उसे भी यही असमंजस होता।

गेट्स ने उत्तर दियाः “जिस दिन मेरी मां का निधन हो गया।”

बस इतना ही। ये उस व्यक्ति के शब्द थे जिसके सामने दुनिया की सारी उपलब्धियां छोटी पड़ गई थीं… जिसने दुनिया से हर वह चीज प्राप्त कर ली थी जो वह पा सकता था।

और उन्होंने क्या कहा? जिस दिन उनकी मां गुज़र गईं।

उन्होंने यह नहीं कहा कि उनके जीवन का सबसे बुरा दिन वह था जब स्टीव जॉब्स ने उनपर चोरी का आरोप लगाया।

उन्होंने यह नहीं कहा कि उनके जीवन का सबसे बुरा दिन वह था जब किसी ने पूरी दुनिया के सामने उनके ऊपर केक फेंक दिया था।

उन्होंने यह नहीं कहा कि उनके जीवन का सबसे बुरा दिन वह था जब उन्हें बिजनेस के नियमों का उल्लंघन करने के लिए 1.3 बिलियन डॉलर का हर्जाना देना पड़ा।

उन्होंने कहा, “जब मेरी मां गुज़र गईं.”

इस दुनिया में आप कितने ही बड़े व्यक्ति क्यों न बन जाओ, कितनी ही बड़ी ख्वाहिशें और सपने आप क्यों न देख लो… जीवन का मोल अंततः रूपए-पैसे, हैसियत और ताकत से नही आंका जाता।

जीवन उन लोगों से मिलकर बनता है जो हमारा हिस्सा होते हैं, जिनकी कमी को हम महसूस करते हैं। इनमें वे लोग भी शामिल होते हैं जिन्हें हम नापसंद करते हैं, लेकिन जीवन का असल सार लोगों से प्रेम करने में है, उनका प्रेम पाने में है।

उनमें से कुछ लोग हमसे पहले चल बसेंगे। वे फिर लौटकर नहीं आएंगे। कभी नहीं।

हमारे पास इफरात समय नहीं है। जिन्हें हम सबसे अधिक चाहते हैं उनके साथ बिताने के लिए तो यह निहायत ही कम है।

आज बिल गेट्स ने मुझे यह बात याद दिलाई है। हमें यह कभी नहीं भूलनी चाहिए।

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