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ह़ज़रत जुनैद बग़दादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہऔर एक डाकू का कीस्सा

ह़ज़रत जुनैद  बग़दादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہऔर एक डाकू का कीस्सा

ह़ज़रत जुनैद बग़दादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہऔर एक डाकू का कीस्सा

हजरत जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہ के दौर के एक आदमी था।

जो बहुत मशहूर डाकु था। और वह अपने इस बुरी आदत से बाज नहीं आता था .

किताबों में लिखा है कि उसको ₹16000 दुर्रे लग चुके थे।

कभी 100 कभी 200 कभी 50 कभी इतना तो कभी उतना इतनी दूर्रे खाने के बावजूद वह चोरी से बाज नहीं आता था।

इतने बड़े वह चोर हो गए थे। हात्ता के उसके एक हाथ भी काट दिए थे।

इसके बावजूद वह डाके डालता था चोरी करता था। उस डाकू का लोगों पर इतना हैबत हो गया था।

कि लोग उससे डरते थे उसके पास भी जाना नहीं चाहते थे।

एक दिन वह डाकू हजरत जुनैद बगदादी रहमतुल्ला رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہ के घर पर आ गया।

जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہने कुछ कपड़े वगैरा मंगवाए थे रिज़के ह़ालाल तीज़ारत के नियत से।

जब वो घर में आगया दीवार कूद के। उसने सेचा दो तीन गठरी बांध लेते हैं। उसने बांध तो दीया।लेकिन उसको लेकर जाना मुश्किल हो रहा था।

डाकू इस इंतजार में था कि कोई हेल्पर मिले ताकि मैं इसे उठाकर अपनी जगह पर लेकर जाऊ।

इतने में जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہअपने घर से उठे तहज्जुद की नमाज के लिए और अपने सेहन में आए।

तो डाकू ने उन्हें देखा और यह समझा कि यह इस घर के नौकर है. तो उसने बड़े सख्त लहजे में कहा कि इधर आओ और यह गठरी उठा कर मेरे सर पर रखो।

तो जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہने वह गठरी उठा कर उसके सिर पर रख दिया। डाकू ने देखा यह बंदा तो मेरा बात मान रहा है ।

तो उसने कहा यह गठरी मेरे सर पर नहीं तुम अपने सर पर रख कर इसे मेरे घर तक जल्दी पहुंचा दो।

अभी फजिर का टाइम होने वाला है।
तुम जल्दी-जल्दी चलो नहीं तो मैं तुझे डंडा मारूगा।

अब जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہअपना माल अपने सर पर रखा हुआ है।और उसके घर की तरफ से जा रहा है।

अब वह तो रोजाना चोरी करता था।सेहतमंद था तबाना था।

और जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہतो कमजोर थे। सास चढ़ गए थक गए पीछे से वह डंडे मार रहा है।

और जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہचल रहे हैं हत्ता की वह गठरी उसके घर पहुंचा दी।

जब वह गठरी घर पर पहुंच गई तो तसल्ली हो गया कि आज मैंने कुछ न कुछ माल चोरी कर ली।

जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہअपने घर वापस आ गए .और वह चोर रात को बड़ी आराम से अपने घर पर सो गया।

जब सुबह उठा तो उसके दिल में ख्याल आया कि मैंने जिससे यह माल मंगवाया है। कहीं वह इस राज को फास न कर दे।

जरा मैं जा कर देखता हूं कि वह कौन है ।और लोगों को कुछ बता तो नहीं रहा है। चुनांचे वह चलता चलता जुनैद बगदादी के घर पर आया।

वहां जाकर उसने देखा कि लोग कतार में आ रहे हैं और उसके घर में दाखिल हो रहे हैं।

और आने वाले सारे वह लोग हैं। जिनके चेहरे पर नूर नज़र आता है सुन्नत ए नबवी नजर आता है।
और जिनके चेहरे पर ने की नजर आती है।

वह बड़ा हैरान हुआ और उसने एक आदमी से पूछा तुम लोग कहां जा रहे हो तो उसने बताया क्या तुम्हें पता नहीं यह एक बहुत बड़े शैख़ का घर है।

उसने कहा अच्छा तो मैं उसको देख सकता हूं उसने कहा हां देख सकते हो तुम मेरे साथ आओ।

उस डाकू ने अपना एक हाथ छुपा लिया जो कटा हुआ था ताकि लोगों को पता ना चल जाए कि मैं वह डाकू हूं जिसका एक हाथ कटा हुआ है।

और वह उसके साथ चलता चलता जब घर में पहुंचा। तो उसने क्या देखा के रात को जिस को गुलाम समझकर गठरी उठाई थी यह तो वही आदमी है।

और वह वक्त के बहुत बड़े शैख़ जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہ हैं। अब उनके चेहरे पर नजर पड़ी न तो उसके दिल की दुनिया बदल गई।

चुनांचे उसने हजरत की महफिल में तौबा की और ह़ज़रत से बैत हुआ।

किताबों में लिखा हुआ है कि ह़ज़रत जुनैद बगदादी رحمۃ اللّٰہ تعالیٰ علیہने उसे खिलाफत आता की।

और वह एक बहुत बड़े वक्त के हाथ कटा हुआ शैख बनकर जिंदगी गुज़ारता रहा।

तो डाकू था चोर था।अल्लाह वालों की महफिल में आया और अल्लाह वालों ने उसके दिल को बदल कर रख दिया।

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Punishing people

Punishing people

One person Hazrat Syedina used to hurt people in the house of Hasan al-Islami, and when he used to increase the limits of his evil deeds, he said: “O Allah! So that person is well aware of the pain, so as to whether we want him to be in harmony with him.

He stood and stood and laid his body on the goat and taken to his house

The people who suffer from distress should be warned that the Sultan (sallallahu ‘alaihi wa sallam)The Prophet (peace and blessings of Allaah be upon him) said, “Whoever (the Prophet (peace and blessings of Allaah be upon him) has afflicted a Muslim, he advised me, and he who has hurt me, has advised Allah.”

Dear Dear Islamic Brothers! If you are ever trying to get rid of a non-Muslim heartless heart, what kind of relationship you have, elder brother, father, husband, husband or husband Whether,The president or the minister, the minister or the minister, are the followers, or the imams, who are there without any doubt, repent and ask forgiveness from him and plead it, otherwise the horrible punishment of hell will not endure.